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Monday, April 04, 2022

विल स्मिथ का यादगार अभिनय: ऑस्कर

 


इस बार 94वें ऑस्कर पुरस्कार समारोह के दौरान अभिनेता विल स्मिथ चर्चा में रहे. विल स्मिथ ने मंच पर ही होस्ट क्रिस रॉक को थप्पड़ मार दिया क्योंकि उन्होंने स्मिथ की पत्नी जेडा पिंकेट को लेकर मजाक किया था. विल स्मिथ के इस कृत्य का समर्थन नहीं किया जा सकता पर हम जानते हैं कि कलाकार भावुक होते हैं. उनके इस कृत्य से इस बात की महत्ता कम नहीं होती कि उन्हें ‘किंग रिचर्ड’ फिल्म में अभिनय के लिए ‘बेस्ट एक्टर’ का पुरस्कार मिला है. उनकी झोली में यह पहला अकादमी पुरस्कार है. इससे पहले 53 वर्षीय स्मिथ को ‘अली’ (2002) और ‘द परस्यूट ऑफ हैपिनेस’ (2007) में अभिनय के लिए ‘बेस्ट एक्टर’ पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया था. उल्लेखनीय है कि ऑस्कर के इतिहास में महज पाँच ब्लैक अभिनेता को ही अब तक सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला है. 

रेनाल्डो ग्रीन निर्देशित ‘किंग रिचर्ड’  एक आत्म-कथात्मक ‘स्पोर्ट’ फिल्म है. इसमें विल स्मिथ ने प्रसिद्ध टेनिस खिलाड़ी सेरेना विलियम्स और वीनस विलियम्स के पिता रिचर्ड विलियम्स का किरदार निभाया है. यह फिल्म एक पिता के बच्चों के लिए देखे सपने, संघर्ष और सफलता की कहानी है. साथ ही इस फिल्म में हम वर्ग आधारित अमेरिकी समाज में नस्लीय हिंसा और भेदभाव से भी रू-ब-रू होते हैं. ‘किंग रिचर्ड’ विलियम्स बहनों के इर्द-गिर्द घूमती है, पर केंद्र में उनके माता-पिता हैं. रिचर्ड विलियम्स अपने दोनों बच्चों के कोच थे. विल स्मिथ इस फिल्म में जिस सहजता से रिचर्ड विलियम्स के खोल में घुसते हैं, हम भूल जाते हैं कि परदे पर विल स्मिथ को देख रहे हैं. एक पिता की भूमिका में वे हिंसा और तनाव को झेलते हैं, लेकिन बच्चों के आस-पास सुरक्षा के घेरे को टूटने नहीं देते. अपने बच्चों के लिए एक कोच की तलाश में वे भटकते हैं. उन्हें निराशा मिलती है, लेकिन एक विश्वास है जो उन्हें आगे बढ़ाता जाता है और अंतत:  वे कैलिफोर्निया से फ्लोरिडा पूरे परिवार को ले जाते हैं जहां रिक मैकी के अकादमी में उन्हें दाखिला मिलता है.

इस फिल्म के लिए जिस तरह से विल स्मिथ ने खुद को शारीरिक रूप से तैयार किया है वह प्रभावित करता है. उनकी चाल-ढाल, भाव-भंगिमा विश्वसनीय लगती है. एक किरदार और अभिनेता के बीच की दूरी यहाँ मिट जाती है. परिवार के प्रति लगाव, बच्चों के साथ आत्मीय संबंध को यथार्थपरक ढंग से यह फिल्म चित्रित करती है. भारतीय दर्शकों को भी यह फिल्म अपने करीब लगेगी.

सिनेमा के अंत में जब वीनस विलियम्स अरांत्ज़ा सांचेज विकारियो से हार जाती है तब जिस तरह से विलियम्स दंपत्ति उसे खुद पर गर्व करने को कहते हैं और साथ खड़े होते हैं वह क्षण भावुक करने वाला है. पुरस्कार लेने के बाद भावुक विल स्मिथ ने भाषण में अपने व्यवहार के लिए अकादमी  से माफी मांगी. आंसू पोछते हुए उन्होंने कहा- “कला जीवन का अनुकरण करती है. मैं एक झक्की पिता की तरह दिखा, जैसा कि वे रिचर्ड विलियम्स के बारे में कहते थे. पर प्यार में आप जाने क्या कर जाते हैं.” जहाँ यह फिल्म प्यार और परिवार के सपनों की कहानी को खूबसूरती से दिखाती है, वहीं रिचर्ड के किरदार को जी कर विल स्मिथ ने एक इतिहास रचा है.