अब भी पुरुष ही लड़कियों को देखते हैं;
यह देखना ही अपने आप में बुरा है, मैं ‘मिलना’ शब्द का इस्तेमाल पसंद करता हूं? क्यों भाई? आपको भी कोई देख सकता है? ऐसा क्या है आप में? कुछ लाख कमा रहे हैं, बस, है पुरुषार्थ आप में, जो
मां-बाप की किसी बात को नकार सकें? अपनी कह सकें? दहेज को अस्वीकार करने का है आप में सामर्थ्य?कुछ
दिन पहले मूल रूप सेमिथिला की रहने वाली, दिल्ली से पढ़ी-लिखी
एक लड़की की शादी की बातचीत हैदराबाद में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में नौकरी कर रहे
एक लड़के से चली. लड़के के माता-पिता और खुद लड़के ने लड़की से मिलने की इच्छा जाहिर
की. और बातचीत के बाद रिंग सेरेमनी वगैरह हो गई. इस रिंग सेरेमनी के दो महीने के
बाद एक दिन उस लड़के ने लड़की से कहा कि वह शादी नहीं कर सकता क्योंकि वह शादी के
लिए इच्छुक नहीं है. उसकी जबरदस्ती शादी करवाई जा रही है. वह दबाव में आकर मिलने
आया था, वगैरह-वगैरह. फिर कहा कि उसका किसी लड़की के साथ दो
साल अफेयर रहा, वह उस मोह से उबर नहीं पाया है. इस पर लड़की
ने कहा, ठीक है. और शादी की बातचीत टूट गई. पर सवाल है कि
क्या एक जवान, नौकरीपेशा युवक दुधमुंहा बच्चा है, कहां गई उसकी रीढ़? कहां गया उसका पुरुषार्थ?Monday, October 16, 2017
विद्यापति का प्रासंगिक होना
अब भी पुरुष ही लड़कियों को देखते हैं;
यह देखना ही अपने आप में बुरा है, मैं ‘मिलना’ शब्द का इस्तेमाल पसंद करता हूं? क्यों भाई? आपको भी कोई देख सकता है? ऐसा क्या है आप में? कुछ लाख कमा रहे हैं, बस, है पुरुषार्थ आप में, जो
मां-बाप की किसी बात को नकार सकें? अपनी कह सकें? दहेज को अस्वीकार करने का है आप में सामर्थ्य?कुछ
दिन पहले मूल रूप सेमिथिला की रहने वाली, दिल्ली से पढ़ी-लिखी
एक लड़की की शादी की बातचीत हैदराबाद में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में नौकरी कर रहे
एक लड़के से चली. लड़के के माता-पिता और खुद लड़के ने लड़की से मिलने की इच्छा जाहिर
की. और बातचीत के बाद रिंग सेरेमनी वगैरह हो गई. इस रिंग सेरेमनी के दो महीने के
बाद एक दिन उस लड़के ने लड़की से कहा कि वह शादी नहीं कर सकता क्योंकि वह शादी के
लिए इच्छुक नहीं है. उसकी जबरदस्ती शादी करवाई जा रही है. वह दबाव में आकर मिलने
आया था, वगैरह-वगैरह. फिर कहा कि उसका किसी लड़की के साथ दो
साल अफेयर रहा, वह उस मोह से उबर नहीं पाया है. इस पर लड़की
ने कहा, ठीक है. और शादी की बातचीत टूट गई. पर सवाल है कि
क्या एक जवान, नौकरीपेशा युवक दुधमुंहा बच्चा है, कहां गई उसकी रीढ़? कहां गया उसका पुरुषार्थ?Thursday, January 03, 2013
उदास मौसम के खिलाफ

निस्संदेह मेनस्ट्रीम और न्यू मीडिया की इसमें भूमिका रेखांकित करने योग्य हैं. ऐसा नहीं है कि मीडिया में इससे पहले स्त्री विषयक खबरें नहीं होती थी. होती थीं, लेकिन उनमें एक किस्म की उदासीनता रहती थी. ज्यादातर खबरें खानापूर्ति के नाम पर ही अखबारों में या टेलीविजन चैनलों पर दिखाई जाती थी. लेकिन इस बार मीडिया ने कुछ अतिरेक को छोड़ कर संयम का परिचय दिया. इसे लगातार सुर्खियों में बनाए रखा और आलाकमानों से जवाब-तलब किया.
जेएनयू में मेरे गुरु प्रोफेसर वीर भारत तलवार ने नव वर्ष की पूर्व संध्या हमें खाने पर बुलाया था. पर दिन में उन्होंने फोन कर कहा कि 'मिठाई या फल कुछ भी लेके मत आना. हम बैठ कर बातें करेंगे और घर में जो भी चावल-दाल बना है, खाएँगें.'
लेकिन केवल उनका मन दुखी नहीं था. पूरी दिल्ली की सड़कों पर नए साल के स्वागत का रौनक इस बार गायब थी. लोग गमगीन थे.
Tuesday, May 04, 2010
प्रेम में पड़ी उस स्त्री से अपना नाता था...

वसंत आ गया है. दरख़्तों ने यहाँ पर हरियाली ओढ़ ली है. चिड़ियों की गूफ़्तगू हर तरफ़ सुनाई दे रही है. मेरे आँगन में टलहती, गोरैया सी दिखती, उस चिड़िया का क्या नाम है ?
आस-पड़ोस में, घरों के सामने लाल-पीले ट्यूलिप खिले हुए हैं. हल्की सी ठंड है, वासंती हवा की मादकता लिए हुए. लेकिन मेरे मन में कोई उत्कंठा नहीं है. पिछले कुछ दिनों से उदास हूँ. मन बहुत खिन्न है. कई बातें, कई यादें मन में उमड-घुमड़ रही है.
भाई-बहनों में सबसे छोटा हूँ, लेकिन नवआंगंतुकों को नाम देने की जिम्मेदारी सबने मेरे ऊपर डाल रखी है.
चौदह साल का था जब घर में चचेरी बहन आई. शिप्रा, क्षिप्रा नदी के नाम पर उसका नाम रखा...नदी की तरह बहेगी, सोचा.
फिर भाई-बहनों के घरों में परियों ने जन्म लिया. नाम रखा..अभिधा, लिपि...नव्या.
अपनी बेटी के लिए भी मैंने एक नाम सोच रखा है…
निरुपमा ने क्या नाम सोचा होगा अपनी बेटी के लिए?
बचपन में माँ विद्यापति के लिखे गीत गाती थी...कोन तप चुकलहुं भेलहुं जननी गे.. (तपस्या में कौन सी चूक हो गई विधाता, जो स्त्री होके जन्म लेना पड़ा).
माँ, स्त्रीत्व एक उत्सव है यहाँ…
निरुपमा को मैं नहीं जानता था. लेकिन प्रेम में पड़ी उस स्त्री से अपना नाता था...निरुपमा मैं बहुत उदास हूँ.
(चित्र में निरुपमा पाठक, युवा पत्रकार जिसकी पिछले दिनों कथित तौर पर परिजनों ने हत्या कर दी, क्योंकि वह एक विजातीय लड़के से प्रेम कर रही थी और उसके गर्भ में एक बच्चा पल रहा था)

