क्या चर्चित फिल्म निर्देशक पॉल थॉमस एंडरसन ऑस्कर पुरस्कार पाने में इस बार सफल होंगे? यह सवाल सिनेमा प्रेमियों के मन में हैं. असल में उनकी फिल्म ‘वन बैटल आफ्टर अनदर’ को 98वें ऑस्कर पुरस्कार के लिए 13 नॉमिनेशन मिले हैं, जिसमें बेहतरीन फिल्म, निर्देशक, अभिनेता, सह-अभिनेता आदि शामिल हैं. उल्लेखनीय है कि रेयान कूगलर निर्देशित फिल्म 'सिनर्स’ को 16 नामांकन मिले हैं.
पिंचन के वर्ष 1990 में प्रकाशित उपन्यास ‘विनलैंड' से प्रेरित यह फिल्म अमेरिकी समाज और राजनीति की पड़ताल करती है, पर बिना मुखर हुए. समकालीनता, ट्रंप युग पैबस्त है इस फिल्म में.
यह एक ब्लैक कॉमेडी है, जिसमे लियोनार्डो डिकैप्रियो एक क्रांतिधर्मी पिता के किरदार के रूप में दिखाई देते हैं. प्रसंगवश, एंडरसन और पिंचन की जोड़ी ने वर्ष 2014 में इनहेरेंट वाइस को परदे पर साकार किया था. इस फिल्म को रचनात्मक रूप से परदे पर लाने में एंडरसन को करीब बीस वर्ष लग गए और उनकी रचनात्मक प्रक्रिया को मुकम्मल रूप से हम इस फिल्म में देखते-परखते हैं. आश्चर्य नहीं कि समकालीन फिल्मकारों में एंडरसन का नाम का ऊपर आता है.
बहरहाल, घेटो (डिकैप्रियो) और उनकी पार्टनर परफेडिया बेवर्ली हिल्स (टेयाना टेलर) ‘फ्रेंच 75’ नाम एक एक चरमपंथी संस्था से जुड़े रहे जो अमेरिकी समाज में बराबरी लाने की लड़ाई के लिए हिंसा का सहारा लेता है. परफेडिया बंदूक लहराती हुई उद्घोषणा करती है: खुली सीमाएँ, स्वतंत्र विकल्प, स्वतंत्र शरीर और भय से मुक्ति.” लेकिन इसी तरह की हिंसा की एक कार्रवाई जब असफल होती है तब उसे गिरफ्तार कर लिया जाता है. घेटो अपनी नवजात बेटी और नई पहचान के साथ एक सहज जीवन जीने की कोशिश करते हैं, पर उनके पीछे कर्नल लॉकजाउ (शॉन पेन) पड़े है. पेन का अभिनय अलग से रेखांकित किए जाने की जरूरत है. उनका हाव-भाव, अंदाज जुगुप्सा और हास्य एक साथ पैदा करता है.
बॉब एक वेबजह की जिंदगी जी रहे होते हैं. नशे का सहारा और पुरानी क्रांतिकारी फिल्मों को देखना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है, पर सोलह साल बाद अतीत बॉब का पीछा करता है. इस बार केंद्र में उनकी पार्टनर नहीं बल्कि बेटी (चेज इनफिनिटी) है.
दौड़-भाग के सिनेमाई वृत्तांत को एंडरसन ने खूबसूरती से बुना है. इस तरह एक मुकम्मल सिनेमा को हम देखते हैं. बिंब और ध्वनि का संयोजन दर्शकों को बांधे रखता है. थोड़ी लंबी होने का बावजूद फिल्म का स्क्रीनप्ले इसे बोझिल नहीं बनने देता है. सिनेमैटोग्राफी, बैकग्राउंड म्यूजिक इस फिल्म का मजबूत पक्ष है.
सीक्रेट कोड भूल चूके, अस्त-व्यस्त, ड्रेसिंग गाउन में सड़कों पर भागते, फोन बूथ पर झुंझलाते, बेटी को तलाशते बॉब हास्य पैदा करते हैं, वहीं वीरान सड़कों पर कार का पीछा करते हुए जब वे दिखते हैं तब यह फिल्म एक्शन थ्रिलर का रोमांच पैदा करती है.
यह फिल्म पूरी तरह से अमेरिकी समकालीन संस्कृति में रची बसी है जहाँ अमेरिकी-मेक्सिको सीमा पर प्रवासियों के समूह के घेराबंदी में हम समकालीन राजनीतिक अनुगूंज और हास्यास्पद नस्लीय श्रेष्ठता बोध एक साथ हम देखते हैं. एक अलग स्तर पर जाकर यह फिल्म क्रांतिधर्मी पिता-पुत्री के संबंधों की संवेदनशील पड़ताल करती है.

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